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खरी खरी: सुरेश मिश्र

by zadmin

खरी खरी 

ललुआ घुचुर-पुचुर करे, पहने टोपी गोल
टिपुआ भी पगला गयो,घोले विष का घोल
घोले विष का घोल, झोल है पग-पग भाया
शॉप मुहब्बत की,सामान घृणा की लाया
कह सुरेश लंदन में ममता खाए हलुआ
बकलोली पर पुनः उतारू देखो ललुआ

सुरेश मिश्र

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