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नागपुर हिंसा सुनियोजित साजिश थी-देवेंद्र फडणवीस

by zadmin

नागपुर हिंसा सुनियोजित साजिश थी-देवेंद्र फडणवीस

नवीन कुमार

मुंबई@nirbhaypathik: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस @devendrafadnavis ने मंगलवार को विधानसभा में नागपुर हिंसा को लेकर बयान दिया है। उन्होंने इस हिंसा को एक सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि छापेमारी में पुलिस को कई हथियार मिले हैं। कई जगह छतों पर पत्थर छिपाकर रखे गए थे। उन्होंने कहा कि पूरी साजिश करके हमला किया गया था। बता दें कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने सोमवार को नागपुर में प्रदर्शन किया और औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र बनाकर पोस्टर जलाए थे जिसके बाद शाम को हिंसा भड़क उठी जिसमें कई पुलिसवाले गंबीर रूप से घायल हुए और इस हिंसक वारदात में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। अस घटना के बाद फडणवीस ने विधानसभा में बयान दिया है।

मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने औरंगज़ेब की कब्र को तोड़े जाने को लेकर आंदोलन किया। इस दौरान सूखे घास की एक प्रतीकात्मक कब्र बनाई गई और औरंगजेब की कब्र हटाओ जैसे नारे लगाए गए और उसे जलाया गया। उन्होंने बताया कि गणेश पेठ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।

फडणवीस ने कहा कि ये घटना करीब 3 बजे हुई। इसी दौरान मस्जिद की नमाज खत्म करने के बाद करीब 200 से 300 लोगों का जमावड़ा हो गया। इसी बीच एक अफवाह फैलाई गई कि जो प्रतीकात्मक कब्र जलाई गई थी उस पर जो हरे रंग का कपड़ा था उस पर धार्मिक मजकूर लिखा हुआ था। इस अफवाह के बाद भीड़ उग्र हो गई और नारेबाजी करने लगी जिसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग कर भीड़ को हटाया।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इसके बाद जमा हुई भीड़ ने मांग की कि बजरंग दल के जिन लोगों ने प्रतीकात्मक कब्र जलाई है उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए। इसी दौरान हंसापुरी इलाके में 200 से 300 लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई और पत्थरबाजी शुरू कर दी। लोगों पर हथियारों से हमला किया गया। वहीं 12 मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया।

फडणवीस ने बताया कि इसी बीच तीसरी घटना भलदार पूरा इलाके में हुई जहां 80 से 100 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और 1 जेसीबी, 2 क्रेन में आग लगा दी। इस भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस पूरी वारदात में 33 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं जिसमें 3 डीसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक डीसीपी अधिकारी पर भीड़ ने कुल्हाड़ी से हमला किया था। इस घटना में 5 नागरिक भी जख्मी हुए हैं जिसमें एक की हालत गंभीर है वो आईसीयू में भर्ती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गणेश पेठ पुलिस थाने में कुल 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं और दो एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। कुल 5 एफआईआर दर्ज हो रही है। उन्होंने बताया कि नागपुर के 11 पुलिस स्टेशनों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। फडणवीस ने बताया कि हिंसा स्थलों से पत्थरों से भरी एक ट्रॉली मिली है। कुछ खास घरों और संस्थानों को निशाना बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे और जिन्होंने कानून और व्यवस्था को अपने हाथों में लिया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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