आनंदाचा शिधा ‘ उपक्रम से सामान्य लोगों में खुशी – मुख्यमंत्री
विशेष संवाददाता
मुंबई(निर्भय पथिक):’आनंदाचा शिधा ‘ उपक्रम सामान्य लोगों की जिंदगी में खुशी देने वाला साबित होगा। यह काम बहुत बड़ा है इसलिए इस उपक्रम को लागू करते समय सभी का सहयोग जरूरी है। यह कहना है महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का। वे गुरुवार को वर्षा निवास स्थान पर अन्न आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण विभाग की तरफ से लागू की जानेवाली विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर अन्न आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण मंत्री रविंद्र चव्हाण, सचिव विजय वाघमारे , नियंत्रक शिधा वाटप एवं संचालक नागरिक आपूर्ति कान्हूराज बगाटे , विभागीय अधिकारी,राज्य के सभी जिलों के चयनित 50 लाभार्थी, जिलाधिकारी कार्यालय के एनआईसी की दूर दृश्य प्रणाली के माध्यम से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित के विभिन्न निर्णय लिए हैं। अनेक लंबित योजनाओं का क्रियान्वयन हुआ। आनंदाचा शिधा के वितरण का कार्यक्रम शुरू किया गया। दीवाली में इसका वितरण किया गया तो अच्छा प्रतिसाद मिला। अब भी गुड़ी पाडवा , भारत रत्न डॉ बाबा साहब आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आनंदाचा शिधा वितरित किया जा रहा है। यह समय पर मिले इसके लिए सभी यंत्रणा सज्ज है। 100 फीसदी सामग्री जिलों को पहुंच गई हैं। इसमें 70 फीसदी लाभार्थियों ने इसे ले भी लिया है बाकी भी सामग्री का वितरण किया जाये इसलिए प्रशासन तत्पर कार्रवाई करे। अन्न आपूर्ति मंत्री रविंद्र चव्हाण ने कहा कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र शिधा पत्रिका धारकों को आनंदाचा शिधा समय पर पहुंचाने के लिए सरकार प्रयासरत है। अभी तक 1 करोड़ 58 लाख जनता तक यह शिधा पहुंचा है। मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री की संकल्पना से यह उपक्रम लागू करने का निर्णय हुआ। उनके नेतृत्व में हम इस योजना को प्रभावी तरीके से अमल में लाने के लिए प्रयत्नशील हैं। आनंदाचा शिधा , राज्य के धान उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन पर अनुदान ( बोनस ), शिव भोजन थाली पारदर्शी और प्रभावी तरह से लागू की जा रही है। उसी के अंतर्गत आज लाभार्थियों को मुख्यमंत्री से संवाद साधने का मौका मिल रहा है यह आनंद की बात है। एक लाभार्थी ने मुख्यमंत्री से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आनंदाचा शिधा के कारण हमें बाजार की दर से कम कीमत पर खाद्य सामग्री उपलब्ध हो रही है यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। कितनी भी लाइन रहे शिव भोजन लिए बिना हम नहीं जाते हैं।